अवैध शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, हरिद्वार पुलिस ने दबोचे दो तस्कर*

अवैध शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, हरिद्वार पुलिस ने दबोचे दो तस्कर
उत्तराखण्डं, सच्ची घटना ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
(पंडित जावेद सबिर)
थाना कलियर पुलिस की कार्रवाई में 10 लाख की 222 पेटी देशी शराब बरामद पिकअप वाहन भी जब्त*

पिरान कलियर। नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देशन और कड़े रुख के चलते थाना कलियर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश कर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 222 पेटी (करीब 10,000 पव्वे) देशी शराब माल्टा मार्का बरामद करते हुए एक महिन्द्रा पिकअप भी कब्जे में ले लिया। बरामद शराब की बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
मुखबिर की सूचना पर हुई करवाई
जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 सितंबर 2025 को थाना कलियर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आबकारी गोदाम से तेजूपुर देशी शराब ठेके के लिए आवंटित शराब को ठेकेदारों की सांठगांठ से इमलीखेडा ठेके पर उतारा जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जब शराब परिवहन के कागजों की जांच की गई तो पुष्टि हुई कि बिल्टी तेजूपुर के ठेके के लिए जारी की गई थी, लेकिन दोनों ठेकेदारों की मिलीभगत से शराब इमलीखेडा उतारी जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने मौके से शराब उतार रहे शाहनवाज उर्फ पुत्र अकिल अहमद निवासी पाडली गुर्जर थाना गंगनहर, उम्र 30 वर्ष तथा रजत पुत्र यशपाल निवासी मोहम्मदपुर थाना लक्सर, उम्र 27 वर्ष को पकड़ लिया। दोनों आरोपियों को ठेकेदारों ने आश्वासन दिया था कि यदि कोई दिक्कत आती है तो वे संभाल लेंगे।
पुलिस ने मौके से बरामदगी की
कुल 222 पेटी (10,000 पव्वे) देशी शराब माल्टा मार्कामहिन्द्रा पिकअप वाहनगिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ थाना कलियर में मु0अ0सं0 252/25 धारा 60/72 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी डोबाल की कड़ी निगरानी
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल लगातार नशा माफियाओं और अवैध कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उनकी अगुवाई में पुलिस टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि जिले में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस टीम में
इस पूरी कार्रवाई में थाना कलियर एसओ रविन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक उमेश कुमार, हेड कांस्टेबल संजय रावत, कांस्टेबल भूपेन्द्र कुमार और पीआरडी मनोज कुमार की अहम भूमिका रही।



