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भारत के लिए हमेशा नेपाल रहा खास, जानें दोनों के बीच आखिर कितना होता है ट्रेड?

भारत के लिए हमेशा नेपाल रहा खास, जानें दोनों के बीच आखिर कितना होता है ट्रेड?

भारत के पड़ोस में जब भी किसी तरह का टेंशन होता है तो अप्रत्यक्ष रूप से उसकी आंच भारत तक महसूस की जाती है. पहले श्रीलंका, फिर बांग्लादेश और अब नेपाल… एक-एक कर भारत के पड़ोसी देशों में जिस तरह से विरोध की चिंगारी सुलग रही है, उसने भारत सरकार को भी सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है.

लेकिन, इसका दूसरा पहलू यह है कि श्रीलंका और बांग्लादेश के मुकाबले नेपाल का महत्व भारत के लिए हमेशा अलग रहा है. हमेशा आज़ाद रहा यह छोटा सा हिन्दू मुल्क अब राजनीतिक रूप से काफी अस्थिर हो चुका है. नेपाल के पीएम केपी ओली ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर दिया है.

क्यों फूटा गुस्सा?
दरअसल, यह गुस्सा नेपाल में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की वजह से फूटा है. लेकिन अगर ट्रेड के लिहाज़ से देखा जाए तो नेपाल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. बिहार और यूपी के कई जिले नेपाल की सीमा से सटे हुए हैं और दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का भी रिश्ता रहा है.

यह छोटा सा मुल्क भारत का चौदहवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है. नेपाल को भारत से करीब 7 बिलियन डॉलर से ज्यादा का सामान एक्सपोर्ट किया जाता है, जबकि नेपाल अपने यहां से भारत में करीब 1 बिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट करता है.

दोनों देशों के महत्वपूर्ण संबंध
इसे ऐसे समझा जा सकता है कि भारत और नेपाल के बीच कुल करीब 8 बिलियन डॉलर का ट्रेड है. एक दशक पहले नेपाल भारत का 28वां ट्रेड पार्टनर था, लेकिन अब यह 14वें स्थान पर आ चुका है. वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दोनों देशों के बीच कुल ट्रेड 8.5 बिलियन डॉलर का हुआ. इसमें भारत ने 7.33 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट किया, जबकि नेपाल ने 1.20 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट किया. भारत से नेपाल को होने वाला एक्सपोर्ट, नेपाल की कुल जीडीपी के करीब 16 फीसदी के बराबर है.

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