मंगलौर क्षेत्र के घोसीपुरा में हुआ खूनी संघर्ष ,खूनी संग्राम में दो घायल एक ही हालत नाजूक

मंगलौर क्षेत्र के घोसीपुरा में हुआ खूनी संघर्ष ,खूनी संग्राम में दो घायल एक ही हालत नाजूक
उत्तराखंड सच्ची घटना 24✍️✍️✍️✍️
पंडित जावेद साबिर ✍️✍️✍️✍️✍️✍️
रुड़की के मंगलौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनावी रंजिश ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गाँव की गलियाँ खून से लाल हो गईं, चीख-पुकार मच गई, लेकिन इसी खौफ के बीच उत्तराखंड पुलिस का वो चेहरा सामने आया जिसे देख आज हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है। मामला मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के घोसीपुरा गांव का है। यहाँ दो पक्षों के बीच पुरानी चुनावी रंजिश आज अंगारों की तरह धधक उठी। बात बढ़ी और देखते ही देखते धारदार हथियारों से हमला शुरू हो गया। इस खूनी बवाल में एक ही पक्ष के तीन लोग लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। दो की हालत इतनी नाजुक थी कि हर पल भारी पड़ रहा था।

गाँव में दहशत का माहौल था, लेकिन जैसे ही सूचना पुलिस तक पहुँची, मंगलौर कोतवाल अमरजीत सिंह और एस एस आई रफत अली बिना एक पल गंवाए मौके पर जा पहुँचे। यहाँ पुलिस ने सिर्फ कानून का डंडा नहीं चलाया, बल्कि ‘मित्र पुलिस’ का असली फर्ज निभाया। एम्बुलेंस के इंतजार में समय बर्बाद करने के बजाय, इन जांबाज अफसरों ने तड़पते हुए घायलों को खुद उठाकर अपनी सरकारी गाड़ी में डाला और सीधे रुड़की सिविल अस्पताल की ओर दौड़ लगा दी।अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है। फिलहाल गाँव में भारी पुलिस बल तैनात है और शांति व्यवस्था कायम है। देखा जाये तो हमलावरो का अपराधिक इतिहास पहले से ही कई थानो मे दर्ज है।और जेल की हवा भी खा चुके है।क्षेत्र में इन लोगों का आतंक बडे पैमाने पर।वही घायल हाकम अली की हालत बडी नाजूक है जिसको हायर सेंटर रेफर कर दिया था वहा भी डॉक्टरो ने ईश्नर के भरोसे कहा है।क्योकि हाकम पर हवलावरो ने तेज धारधार हथियारों से वार किया है जिससे उन्हे बडी गम्भीर चोट लगी है जो मौत व जिंदगी के बीच जिंदगी के लिए जूझ रहा है




