रुड़की नगर निगम हॉल में हुई कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस की अहम बड़ी बैठक

रुड़की नगर निगम हॉल में हुई कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस की अहम बड़ी बैठक

उत्तराखंड ,,सच्ची घटना 24 न्यूज़ ✍️✍️✍️
पंडित ,,,जावेद साबिर कलियर ✍️✍️✍️
—————————————————————-
रुड़की कांवड़ यात्रा 2026 को सकुशल, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंगलवार को रुड़की के नगर निगम सभागार में एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल की अध्यक्षता में स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स की विशेष बैठक आयोजित की गई।बैठक में जनपद के सात थानों के थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक और एसपीओ शामिल हुए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के सभी क्षेत्राधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक का मकसद था आगामी कांवड़ यात्रा की रूपरेखा तय करना और जमीनी स्तर पर जिम्मेदारियों का बंटवारा करना। रुड़की: कांवड़ यात्रा का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार। बैठक में एसपी देहात ने कहा कि पूरे प्रदेश में रुड़की क्षेत्र कांवड़ यात्रा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है। अनुमान है कि करीब पांच करोड़ कांवड़ यात्रियों में से लगभग चार करोड़ श्रद्धालु रुड़की होकर ही गुजरेंगे।

इनमें सबसे बड़ी संख्या दिल्ली, हरियाणा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और राजस्थान से आने वाले श्रद्धालुओं की है। इसके अलावा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के यात्रियों का डायवर्जन भी यहीं से किया जाता है। इसी वजह से रुड़की में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं एसपीओ को सेवा भाव और अनुशासन के निर्देश । एसपी शेखर चंद्र सुयाल ने सभी एसपीओ को साफ निर्देश दिए कि उन्हें जो सेवा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया जाए।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतें मिली हैं कि करीब 5 प्रतिशत एसपीओ व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पहचान पत्र का दुरुपयोग करते हैं। इस बार ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने सभी एसपीओ से अपील की कि वे यात्रा काल में जनता की मदद के लिए तत्पर रहें। यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस।बैठक में यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने, शिवभक्तों को निर्धारित कांवड़ पटरी पर भेजने और भीड़ नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी एसपीओ का सहयोग बेहद जरूरी होगा। बैठक के अंत में सभी को आपसी समन्वय के साथ ड्यूटी करने और किसी भी अफवाह पर तुरंत नियंत्रण पाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का लक्ष्य एक ही है, कांवड़ यात्रा 2026 बिना किसी बाधा के संपन्न हो और हर शिवभक्त सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे।



