मक्का,मदीना से वतन की धरती पर लौटे उत्तराखण्ड के 408 हाजी
मक्का,मदीना से वतन की धरती पर लौटे उत्तराखंण्ड के 408 हाजी

उत्तराखंड,, सच्ची घटना 24 ✍️ ✍️ ✍️ ✍️
पंडित ,,जावेद साबिर कलियर ✍️ ✍️ ✍️ ✍️
नई दिल्ली,,मक्का-मदीना से वतन की धरती पर लौटे उत्तराखण्ड के 408 हाजी,,, 17-06-2026, सुबह 05:25 बजे फ्लाइट SV5710 से 305 और शाम 06:25 बजे फ्लाइट SV5814 से 103 हज यात्री इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल 3, नई दिल्ली पहुँचे। महीने भर की इबादत के बाद जैसे ही हाजियों ने दिल्ली की धरती छुई, आँखें नम और चेहरे पर सुकून था।

फूलमालाओं और दुआओं से हुआ ऐतिहासिक स्वागत,,
उत्तराखण्ड राज्य हज समिति के अध्यक्ष खतीब अहमद जी ने एयरपोर्ट पर सभी हाजियों का फूल-माला पहनाकर गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। “लद्दइका अल्लाहुम्मा लद्दइका” की सदाओं के बीच माहौल पूरी तरह रूहानी हो गया। हाजियों की ज़ुबानी: “मक्का-मदीना में मिली बेमिसाल सुविधा”स्वागत के बाद जब हाजियों से सुविधाओं के बारे में पूछा गया, तो सबने एक सुर में कहा – मक्का और मदीना में इंतज़ाम लाजवाब थे। ठहरने, खाने-पीने और सफर की हर व्यवस्था से वो बेहद खुश और संतुष्ट नज़र आए। केंद्र से राज्य तक: नेतृत्व का आभार व्यक्त हाजियों ने बेहतर इंतज़ाम के लिए माननीय केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू जी, उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी और कैबिनेट मंत्री अल्पसंख्यक कल्याण श्री खजान दास जी का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। हाजियों का कहना था कि सरकार की बदौलत ही उनका हज सफर आसान हुआ। शुरुआत से वतन वापसी तक”: अध्यक्ष खतीब अहमद की मेहनत रंग लाई हाजियों ने उत्तराखण्ड राज्य हज समिति के अध्यक्ष खतीब अहमद जी को भी दिल से दुआएं दीं। हाजियों ने कहा कि हज की नीयत बंधने से लेकर सकुशल घर वापसी तक खतीब अहमद जी ने हर कदम पर भरपूर सहयोग किया। हज अधिकारी और स्टाफ भी रहे मौजूद । इस भावुक मौके पर उत्तराखण्ड राज्य हज समिति के हज अधिकारी मोहम्मद अहसान और कार्यालय स्टाफ अब्दुल कादिर उपस्थित रहे। उन्होंने सभी हाजियों के सामान और आवागमन की व्यवस्था में पूरा सहयोग दिया खुशियों से सराबोर था एयरपोर्ट T3 का नज़ारा अपनों से मिलने की खुशी, इबादत मुकम्मल होने का सुकून और वतन वापसी का जज़्बा – उत्तराखण्ड हज समिति का संकल्प: आगे भी बेहतर सेवा अध्यक्ष खतीब अहमद ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से हर साल हज व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड के हाजी बेअंतहा सुकून के साथ फरीज़ा अदा कर सकें।



