पिरान कलियर नशे पर लगें रोक समाजसेवी ने एसएसपी को लिखा पत्र, रात को खुलने वाली चाय की दुकानें व होटल 11:00 बजे रात पूर्ण रूप से हो बंद,,

नशे पर लगें रोक समाजसेवी ने,, एसएसपी को लिखा पत्र, रात को खुलने वाली चाय की दुकानें व होटल 11:00 बजे रात को पूर्ण रूप से हो बंद,,

उत्तराखंड ,,सच्ची घटना 24 ✍️ ✍️ ✍️
पंडित,, जावेद साबिर कलियर✍️✍️✍️✍️
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पिरान कलियर आस्था का केंद्र लेकिन रात होते ही यही पवित्र नगरी नशे और अपराध का अड्डा बन रही है। नगर पंचायत आसपास दर्जनों चाय की दुकानें पूरी रात खुली हैं, और उसी की आड़ में चरस, गांजा, स्मैक का धंधा फल फूल रहा है। जायरीनों की सुरक्षा दांव पर है। चाय की दुकानें या तस्करी बड़ा सवाल स्थानीय नागरिक और समाजसेवी का आरोप है कि रातभर खुली दुकानें बाहरी तस्करों को नेटवर्क चलाने की खुली छूट दे रही हैं। इसी हफ्ते अजमेरी बाजार की एक दुकान में चोरी और एक बच्चा चोरी जैसी घटनाएं सामने आईं। महिलाओं और परिवारों को देर रात तक मनचलों की भीड़ से गुजरना पड़ रहा है। पवित्र नगरी की छवि धूमिल हो रही है।

इसी गंभीर समस्या को लेकर समाजसेवी ने SSP को पत्र सौंपा है। उनकी 4 मुख्य मांगें: रात 11 बजे के बाद सभी चाय दुकान और होटल बंद हों। सुबह 10 बजे से पहले खोलने की इजाजत न हो। पहाड़ी गेट पर रात्रि गश्त बढ़े। और अवैध रूप से खुलने वाली दुकानों के लाइसेंस की जांच हो। नशा तस्करी में लिप्त नेटवर्क पर कठोर कार्यवाही हो,रातभर दुकानें खोलने की इजाजत किसने दी? क्या पिरान कलियर की पवित्रता नशे की भेंट चढ़ जाएगी? अब देखना ये है कि SSP के संज्ञान के बाद प्रशासन कितनी जल्दी कदम उठाता है।



